Best 50+ Ped Par Kavita | Best Poem And Quotes For Trees | Best Tree Shayari in Hindi

Best 50+ Ped Par Kavita | Best Poem And Quotes For Trees | Best Tree Shayari in Hindi

Best 50+ Ped Par Kavita | Best Poem And Quotes For Trees | Best Tree Shayari in Hindi | पेड़ काटने पर शायरी | Shayar Ke Vichar



पेड़ हमें जीवन, छाया और प्रकृति से जुड़ने का संदेश देते हैं। इस पोस्ट में आपको Ped Pe Shayari, Ped Par Kavita, और दिल को छूने वाले Tree Quotes मिलेंगे। यहां संग्रहित रचनाएं पेड़ों की सुंदरता, उनके महत्व और जीवन से जुड़ी सीख को खूबसूरती से बयां करती हैं। अगर आप Tree Quotes About Life, Inspirational Tree Quotes, Short Tree Quotes in Hindi या प्रकृति पर लिखी बेहतरीन Ped Par Kavita पढ़ना चाहते हैं, तो ये संग्रह आपके लिए है। यहां आपको Best Tree Captions For Instagram भी मिलेगे जिसको आप अपने Instagram Caption की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।  शायरियों और कविताओं के माध्यम से पेड़ों के प्रति प्रेम, पर्यावरण संरक्षण और जीवन के गहन अर्थ को महसूस किया जा सकता है। 




Ped Par Shayari

Ped par shayari
शिकायतें मेरी जो हैं अनकही-सी,
न जाने वो कैसे सुन लेता है
वो सबसे अलग सा पेड़ है,
मेरे साथ कुछ यादें बुन लेता है…



चाँदनी रात में
वो चहकता रहता है,
पेड़ कभी बोलते नहीं,  
लेकिन वोह खामोशी से
मुझे बहुत कुछ कहता रहता है…



पतझड़ में मुरझाना
और बहारों में खिलना
हमने साथ सीखा था ।
हर बरसात में वही था,
जो मेरे साथ भीगा था…



पतझड़ में गिरते पत्तों की ,
वो मेरे लिए बारिश कराता है।
बसंत में वो मेरे लिए ,
खुशियों की कलियाँ खिलाता है।
बारिश की बूँदें संभालकर रखता है।
हवा के संग रहकर कुछ कह जाता है।
पत्तों में छिपकर कहीं बह जाता है।



एक पेड़ था,
मेरे घर के पास,  
कहलाता था चिड़ियों का घर
वो पेड़ बहुत ख़ास।



Ped Par Kavita

Ped par kavita
जान बसती है पेड़ में मेरी,  
या पेड़ की जान है मेरे अंदर…  
शाखाएं जब काटते हैं लोग,  
किसके हिस्से आता है दर्द का समंदर…?



बहारों में जो सूख गए पेड़,  
वो कितना दर्द सह रहे।
ये लफ़्ज़ मुझसे कह रहे,  
अब साथ मेरे ही रह रहे।



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सड़कें चौड़ी करने के लिए
पेड़-पौधों की बलि दी जा रही है,  
जब बाकी न रहेगा एक भी पेड़ तो
भागना फिर तुम उस चौड़ी सड़क पे
लड़ना तुम उसी सड़क पे अंतिम सांस तक
सिमट जाएगी सांसे फिर घुटकर
लिपट जाना तुम कफन में लाश बनकर
फिर तुम्हे लिटाया जाएगा उस पेड़ की लकड़ी पर
जिन्हें तुमने काटा था।
या कहे यू खुदसे तुमने अपनी चिता के लिए
एक एक कर छांटा था।



जिसको देखकर में सब भूल गया,  
आज उसे ही सब भुला रहे।  
जिससे मैंने सीखी ज़िंदगी की बातें,  
आज उसे ही सब ठुकरा रहे।


आसमान तक फैली डालियाँ ,
दिखना बंद हो जाएँगी।
हवाएँ कहीं खो जाएँगी…  
पर मौजूद होगा वो, ज़मीन में कहीं दफ़्न,  
उसकी जड़ें फिर भी फैलती रहेंगी।



2 Line Shayari For Tree

2 line Shayari for tree
हर किसी के मन में वो बस जाया करता है,  
आते-जाते हर किसी को धूप से बचाया करता है।


हर दिन एक नया रंग दिखाता है,  
हवा के संग बस हँसता जाता ह।


दूसरों के लिए धूप से बचाने वाला परछाया है,  
मेरे लिए हरदम साथ निभाने वाला हमसाया है।


शाखाएं काट सकते हैं लोग बस,
यादों से काट नहीं पाएगा कोई वो पेड..


उस पेड़ की सारी शाखें जुड़ी है मुझसे
हर एक पत्ता मेरी किसी याद से है जुड़ा।





2 line shayari for tree
ये पेड़ जो काटने को रुके थे मेरे गाँव में,  
जो धूप बढ़ी तो बैठ गए वो पेड़ की ही छाँव मे।


तेज़ हवाओं से रख लेना तुम पौधे को संभाल,  
एक दिन वही पेड़ बनकर रखेगा तुम्हारा ख्याल।


पेड़ों की लाशें बढ़ती जा रही हैं,  
लोगों की साँसें कम होती जा रही हैं।


काश बोल पाते कटने से पहले पेड़,  
कह देते वो चीखकर "यहीं रहने दो थोड़ी देर" ।


काट दिया गया उस पेड़ को महज़ एक कागज़ के लिए,
उस कागज पर लिखा गया..-
"जंगल बचाओ, पेड़ उगाओ"।



Tree Love Shayari in hindi

Tree love shayari in hindi
बिना कुछ माँगे देते हैं।
खूबसूरत फूल और स्वादिष्ट फल।
हवाओं को कर शुद्ध
देते है हरेक प्राणी को
सुरक्षित आने वाला कल।



बदले मौसम के साथ फैलाते खुशहाली,  
गुनगुनाती है हर एक डाली…  
ओढ़ लेते जैसे रंगों से भरी हरियाली…
बसंत जैसे हो प्रकृति की दिवाली..।



पेड़ में कितने सिले घोंसले,
कितनी सिली हवाएँ।
धूप सिली तो बिखर गई,  
कतरन-कतरन छाए



हरियाली से है ख़ुशहाली,
सुंदरता मन हरने वाली।
पेड़ों और प्रकृति का नाता,
जैसे हो बच्चों की माता।



किसी भी भेदभाव बिन देता है सबको छाया,  
बिना चाहे कुछ, बस देता रहता है।
इतना निस्वार्थपूर्ण देखा नहीं मैंने कोई काया…





Tree love shayari in hindi
पेड़ कहीं जाना नहीं चाहते,  
वो रहते हैं किसी के इंतज़ार में…  
ठहर कर वो रहते है ,
किसी के साथ हरदम।
किसी बच्चे के खेल में,  
किसी पक्षी के मेल में…



अगर पेड़ कर पाता बात,  
बोलते-बोलते कर देता दिन से रात…  
कहता कुछ नए-नए किस्से,  
बताता वो अब तक कितने घोंसले उस पर बसे
याद कर लगाकर हिसाब सही
बताता कितने यादगार पल आये उसके हिस्से।



मैं पेड़ हूँ, मेरे अंदर प्रेम है कहीं ज़्यादा,  
मेरे न होने से जीवन हो जाएगा आधा…  
शुद्ध हवा, पोषण अगर न मिला,  
तो होगी बहुत बड़ी बाधा…






कभी किसी चिड़िया का घोंसला बन जाता हूँ,  
कभी धूप से हारे का हौसला बन जाता हूँ…  
कभी मेरी डाली में बंधे मन्नत का धागा,  
मैं न जाने कैसे किसी का विश्वास बन जाता हूँ…



पेड़ से आती है जान,  
पेड़ से चलता है सबका घर-बार…  
पेड़ बिना ज़िंदगी अधूरी,  
पेड़ से होता सबका उद्धार…  
पेड़ न हो तो ज़िंदगी लगे सुनसान…





Tree love shayari in hindi
समझ नहीं रहे हम ये बात,
अनगिनत कट रहे पेड़ दिन-रात।
पेड़ ही तो जीवन का सहारा
प्रकृति के बिना क्या वजूद हमारा है?
इनके बिना सब कुछ खाली,
खिलेगी नहीं अगर कोई डाली।
अभी भी समय है, रुक जाओ,  
तुम समझदार हो ?तुम समझ जाओ!!
कुछ पेड़ बचाओ, कुछ नए लगाओ…  
वरना ये जो कर रहे हैं हम
करम से क्यों नहीं डर रहे??
कटेगा पेड़ कहलाएगी यह भी हत्या
सजा  मिलेगी हर किसीको
धरती पे घटेगी जनसंख्या
इसे माना जाएगा एक सामूहिक आत्महत्या…



तुम, जिनसे पूर्व सूर्य कभी नहीं डूबता
तुम, जिनसे जीवन कभी नहीं ऊबता
पार्क की बेंचों, सड़कों, फ़ुटपाथों पर
क्लबों, नृत्यघरों या समुद्री तटों पर
जहाँ कहीं हो तुम—



बदलते मौसम के साथ गहरे प्रेम में
हवा के झोंके पर झूलने को आतुर
इतने कातर इतने भावुक,
जितने स्थिर उतने आकुल।



Tree Quotes In Hindi

Tree quotes in hindi
जो पेड़ बहारो के आने का सुख नहीं पाता
बावजजदू मौसम बसंत के सूख जाता



हवाई जहाज से बीज बरसा रहे है
वे समुद्र को जंगल बनाना चाहते है



हर उस पेड़ को रौंदा जिसे मिट्टी से अलग कर,
तुम्हारी विकृति तुम्हें अब उसी मिट्टी का ढेर कर जाएगी।



खिलवाड़ किया है धरती से तुमने,
देखो अब प्रकृति तुमसे खेल जाएगी।



आज जंगल में लोग आए काट गए थे पेड़ कई
कल के अखबार में हेडलाइन होगी कि शुरू हुई है
पेड़ बचाने की क्रांति नई



Inspirational tree quotes for life in hindi

Inspirational tree quotes in hindi
पेड़ बोल पाते तो पूछ लेते
कुल्हाड़ी से बनी उसी लकड़ी से
फिर काटे क्यों उसी लकड़ी को?



तुम याद करोगे तब मुझे
जब सांसे तुम्हारी झेर हो जायेंगी
कोशिश करोगे फिर बीज बोने की
पर अफसोस समझने में बहुत देर हो जायेगी



पेड़ अब मुझसे कुछ नहीं बोलता
मेरे मन में क्या है क्या नहीं
वे अब बाते नहीं टटोलता
हवा संग अब बस यहां वहां रहता डोलता
मेरा पेड़ अब मुझसे नहीं बोलता



बचपन एक जगह मैने खजाना गाढ़ा था
पाने उसको किसी ने पूरा पेड़ उखाड़ा
जहां हरियाली में बिखरी शाखा
वोह पेड़ खुद ही था  खुद खजाना
वह उपस्थित लोग मै से किसी ने नहीं यह जाना




पेड़ और हवाएं किसी प्रेमी की तरह है
वे चाहते है एकदूसरे को जैसे वे है
यहां वहां मचलती चंचल हवाएं
ठहरती है सिर्फ पेड़ के पास
लेकिन जिद नहीं करती वे पेड़ से
की पेड़ साथ चल देने का करे  प्रयास
चारों दिशाओं में गुम के झुमके
फिर आ जाती है पेड़ के पास
सहलाती है आकर हर एक शाखा को
पेड़ भी पहन लेता किसी रूठे प्रेमी का लिबास
बिन हवाएं फिर दिखता उदास
देखने लगता लिए एक आश,
एकटक हो अपने ही आसपास।
आएंगी हवाएं फिर लौट,
लिए आएंगी वो मौसम की मिठास,
पेड़ ओर हवाएं के बीच बना है एक विश्वास।
दोनों किसी प्रेमी की तरह है ,
एक दूसरे के लिए बेहद खास।




Ped par kavita, Ped ka dard - पेड़ काटने पर कविता

Ped kaatne par kavita
गुमसुम रहने लगे है पेड़ आज
घूमते रहते थे जो इर्दगिर्द
डालियों को पकड़ जुलते थे
खेलते थे जो बच्चे हर दिन
सिर टिकाकर आंख मिचौली
छिप गए है कही जाकर
कही से आ नहीं हल्की पुकार
ढूंढे कैसे  जड़ शाखाओं से लाचार
कहके गए थे इसबार पेड़ का है दाव



में अगले जन्म पेड़ होना चाहूंगी
तुम काटो मुझे में फिर भी तुम्हे बचाऊंगी
धूप को निगल में छाया आंगन में  बरसाउंगी
पतझड़ बसंत बहारें
मौसम सारे तुम्हे दिखाऊंगी
तुम करते रहना नजरंदाज सही
मैं फिर भी कलिया तुम्हारे लिए खिलाऊंगी
एक बार देखभाल पाकर
हरदम हरियाली हो दिखलाऊंगी



जब खत्म हो जाए पेड़ सारे
तो कुल्हाड़ी से काट लेना
तुम अपने हाथों को
रोक रखा जिसने नदियों को
काट देना तुम उन बांधों को।
बिन मेरे जान जाओगे कि,
मूल्य नहीं अब तुम्हारे कल का।
मूल्य नहीं जीवन बचाने वाले जल का
तुम काट लेना उस कुल्हाड़ी से किसका सिर
जो निकले लहू तुम समझना बहारो का रंग।
इस तरह मौसम पलट वार करेगा ,
इंसान ही  हथियार बनेगा,
कांप उठेगी धरती और रह जायेगे सभी दंग।



तुम याद करोगे तब मुझे..
जब सूर्य तुम्हारा काल बनेगा।
न आयेंगे काले बादल  न वर्षा  होगी,
सुख जाएगी धरती जब अकाल पड़ेगा।
तुम याद करोगे तब मुझे,
पर हाल तुम्हारा बेहाल रहेगा।
जो किए कुल्हाड़ी से प्रहार मुझे,
समय के चक्र से अब वार होंगे तुमपे।



वो नाराज है मुझसे न जाने कबसे,
मैने नाराजगी देखी उसकी पतझड़ से पहले।
उसने सारे पत्तों को अलग कर रखा था,
या अलग हो गया था पहले मुझसे .
या पहले से ही यह सब सोच रखा था.
में थी फिर भी इंतजार में उसके
पर मुझे इतना खास  इस बार न समझा
बहारें लाया था समय के पहले वोह
पहले फूल के खिलने पे मुझे साथ नहीं रखा था।



सूखे पेड़ पर शायरी

सूखे पेड़ पर शायरी
वो जो कुल्हाड़ी चलती है,
गहरा ज़ख्म मेरी रूह पे होता है,
पत्ता-पत्ता जब गिरता है,
मेरा तिनका-तिनका रोता है।



जड़ें मेरी ज़मीन ढूँढती हैं,
उसकी टहनियाँ मेरा आसमान,
बेज़ुबान वो भी नहीं है,
बस मैं ही हूँ थोड़ा नादान।



वो कट गया तो मैं भी न रहूँगा,
यह बात ज़रा-सी गहरी है,
मेरी साँसें उसकी अमानत,
उस पर ही मेरी दुनिया ठहरी है।



इस पतझड़ के आते आते,
हमारा वो साथ छूट गया।
हा बहारें आई मौसम में,
पर पेड़ मेरा मुझसे रूठ गया।



Pedh ki yaad me hongi me
Hoga sath us pato me mera nam kahi
Me nah rahu hardin khyalo me
Muje karta hoga voh yaad sahi
Ab esa lgta hai jese ek doori aa gyi hai
Voh hai pr ab milte nhi
Hu me bhi vesi voh hai jesa
Yeh mausam ab kaliyo ke khilne pe bhi bahare la paya nhi




Pedh Per Kuch Ankahi Kavita

Pedh per kuch ankahi kavita
जूल्स गया आज,
वो पेड़ बरगद का,
जिसमें बंधे थे कई धागे।
बांधे थे वोह किसी मन्नत में,
किसी की  बहु पत्नी मां ने।
बांधे थे जो किसी रिश्ते में
किसी के बेटे पति बाप के लिए।
धागे थे कई सो ख़्वाहिश के.
बंधी थी उनके कही फरमाईशे ।
जूल्स गई सब शाखाएं ,
खाख हुई सभी की आशाएं।
देख फैलती आग को न बढ़ा कोई आगे
उम्रभर सही सलामती के नाम
जिसने सुरक्षित बंध रखे ,मनोकामनाओ के धागे
उसकी सलामती के लिए, उनमे से किसी के पैर न भागे।
पूजा के भरे कलश के जल रह गये धरे के धरे।
जिस तरह जलता रहा पेड़ ,
उसे देख क्यों किसी के कलेजे न जले??
जूल्सा वोह पेड़ या यह लपेट मुझको छू गई
देख तमाशा यह आग का भीड़ कुछ देर में छू हो गई।


कटकर जब वो गिरा ज़मीन पर,
रो पड़ी वो सारी धरती,
इंसान खड़ा मुस्काता रहा,
देख अपनी लकड़ी की बढ़ती।
वो भूल गया सांसें उसकी,
उस गिरे हुए पेड़ में बाकी थीं,
काट के अपने ही रक्षक को,
उसने खुद अपनी चिता सजाई थी।


दुःख के समय सदैव
एक पेड़ को पास अपने पाता हूं।
वह मूक है, कुछ बोल नहीं पाता,
मैं मूर्ख, फिर भी उससे बतियाता हूं।
शोर घुल से बचकर ,
बस उसके तले शांति पाता हु।
उदासी के घेरे से निकल,
में उसके हरयाली छाये में गिर जाता हु।






FAQ


Why plant trees? 
Planting trees helps clean the air, provide shade, and support wildlife. Trees also reduce carbon dioxide, prevent soil erosion, and improve the environment, making our planet healthier for future generations. 

How does climate change factor into tree planting? 
Climate change increases the need for tree planting, as trees absorb carbon dioxide, reduce temperatures, and help restore ecosystems. However, climate shifts can affect which species thrive in certain areas. 

What is the role of trees in our life?
Trees play a vital role in our lives by providing oxygen, improving air quality, offering shade, supporting wildlife, and reducing soil erosion. They also enhance our environment and well-being. 

How does tree planting help wildlife? 
Tree planting helps wildlife by providing habitats, food, and shelter for animals. It supports biodiversity, offering a safe space for birds, insects, and other creatures to thrive and survive.




Ending

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